चंद्रयान-2 का जब टूटा धरती से संपर्क तो क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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कल रात में जब सारा देश सोया हुआ था तब ISRO में हलचल मची हुई थी और इस हलचल के बीच देश के मुखिया यानी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ISRO में मौजूद थे सब कुछ अपने अनुसार ही चल रहा था इसरो में मौजूद सभी लोगों के मुंह से खुशी झलक रही थी पर chandrayaan-2 के चांद पर उतरने से 2.1 किलोमीटर पहले ही उसका धरती से संपर्क टूट गया और सब लोग हैरान रह गए सब के मुंह पर निराशा की एक किरण सी आ गई थी पर वहां पर एक व्यक्ति मौजूद था जिसने सबको हौसला दिया और हार ना मानने की शिक्षा दी और यह भी सिखाया कि उतार-चढ़ाव और हार-जीत जीवन में आते रहते हैं वह व्यक्ति कोई और नहीं हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे |

रात भर ना सोए हुए इसरो के लोगों को क्यों बुलाया सुबह 8:00 बजे नरेंद्र मोदी ने ?
दरअसल नरेंद्र मोदी का सुबह भाषण देने का मुख्य मकसद सबका हौसला बुलंद करना था |
उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत यह बोलते हुए कि मैं जानता हूं आप लोग कई रातों से नहीं सोए हैं फिर भी मेरा मन कर रहा था आप लोगो को बुलाओ और आपसे बातें करूं |
उन्होंने सबका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आप लोग मक्खन पर लकीर करने वाले नहीं पत्थर पर लकीर करने वाले लोग हो परिणामों से निराश हुए बिना निरंतर लक्ष्य की तरफ बढ़ने की हमारी परंपरा भी है और हमारे संस्कार भी हैं हमारे पिछले हजारों वर्षों का इतिहास ऐसे इतिहासओ से भरा पड़ा है जब हमने शुरुआती मुश्किलों के कारण ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं |खुद ISRO भी कभी ना हार मानने वाली संस्कृति का जीता जागता उदाहरण है |
नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि परिणाम जो भी हो मुझे और पूरे देश को अपने विज्ञानिक इंजीनियरों और आप सभी पर गर्व है |
साथ ही साथ प्रधानमंत्री यह भी बोले कि chandrayaan-2 के सफर का आखरी परिणाम भले ही आशा के अनुकूल ना रहा हो लेकिन हमें यह भी याद रखना होगा कि chandrayaan-2 की यात्रा शानदार रही थी इस पूरे मिशन के दौरान देश अनेक बार आनंदित हुआ है गर्व से भरा है|
और अपने पूरे भाषण के दौरान नरेंद्र मोदी ने ISRO की कई उपलब्धियां भी गिनाई |
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