“पूरे होते हुए सपने”- जानिए दीपांशु तोमर का Success मंत्र

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एक निराशावादी को हर अवसर में कठिनाई दिखाई देती है ; एक आशावादी को हर कठिनाई में अवसर दिखाई देता है . मुझे मेरे मध्यम वर्गीय परिवार से होने का कभी गम नहीं रहा बल्कि मेरे हालातो ने मुझे मेरे ऊँचे सपनो के काबिल बनाया | मैंने बचपन से ही अपने परिवार को हर एक चीज़ के लिए झूझते हुए देखा है| ये मेरी प्रारंभिक शिक्षा थी | मैं ये समझ चूका था की या तो मैं अपना ज़िन्दगी को कोस सकता हूँ या अपनी और अपने परिवार की ज़िन्दगी को एक नए आयाम पर पहुंचा सकता हूँ | मेरे पिताजी एक किसान थे जो देश का पेट पालते थे पर मेरा और मेरी बेहेन को पालने के लिए उन्हें उधार लेने पड़ता था | अगर मैंने अणि ज़िन्दगी की बागडोर अपने हाथो में न ली होती तो मेरे सपने के टुकड़े मेरी आँखों में चुभते रहते | बाहरवीं पास करने के बाद मैंने अपना खुद का बिज़नेस शुरू किया क्यूंकि मुझे खुद पर विश्वास था पर अपने परिवार की स्तिथि को ध्यान में रख कर मैंने रात में जॉब करने का फैसला लिया | एक साल के समय में ही मैं अपने बिज़नेस को अच्छे मुकाम पर पहुंचा चूका था | पर वक़्त बदलते देर नहीं लगती | जितनी तेज़ी से मैंने उंच्चाईया छूई थी उतनी ही तेज़ी से मैं नीचे भी आया | मेरी किस्मत मेरा इम्तिहान ले रही थी और मैं हार नहीं सकता था | अब मैं अकेला नहीं था… मेरे साथ मेरे वर्कर्स की किस्मत भी जुडी हुई थी और मैं उन्हें निराश नहीं कर सकता था | हमारी बिजनेस से सम्बंधित समस्याएं नहीं होतीं , हमारी लोगों से सम्बंधित समस्याएं होती हैं. | विपरीत परस्थितियों में कुछ लोग टूट जाते हैं , तो कुछ लोग लोग रिकॉर्ड तोड़ते हैं. गलतियां इस बात का सुबूत हैं कि आप प्रयास कर रहे हैं . विक्टिम्स समस्याएँ दोहराते हैं , लीडर्स समाधान सुझाते हैं . मैं मदद करता हूँ उन लोगो की जो ऐसे प्रभावशाली लीडर्स बनाना चाहते हैं | मैं आज भी अपने मल्टी लेवल मार्केटिंग का बिज़नेस करता हूँ क्यूंकि ये मेरा पैशन है | मैं लोगो के बिज़नेस की मार्केटिंग करता हूँ जिससे वो अपने बिज़नेस को बढ़ा सकें |

मैं ये चाहता हु की बड़े सपने देखने वाले साहसी बने| मैंने व्यापार में मंदी के कई दौर देखे हैं | हमेशा मैं इनसे और अधिक शक्तिशाली और समृद्ध होकर निकला है | अपने हीरोज की तरह बहादुर बनो और खुद पर विश्वास रखो |आगे बढ़ो ! चिंता उन लोगों द्वारा भुगतान किया ब्याज है जो उधार में मुसीबत लेते हैं| मैं स्कूल्ज और कॉलेज में जा जाकर आज की नयी पीढ़ी को सपने देखने के लिए प्रेरित करता हूँ | मैं विश्वास करता हूँ उनके सपनो में और उनकी काबिलयत में| बस ये चाहता हूँ की वो खुद में भी वही विश्वास रखें| सिर्फ इ जब लेना अपना उद्देश्य न रखें | ये पूरी दुनिया सपनो के बाज़ीगर की तलबगार है | एक बाज़ी बस विश्वास के साथ खेल कर देखिये | शिखर तक पहुँचने के लिए ताकत चाहिए होती है, चाहे वो माउन्ट एवरेस्ट का शिखर हो या आपके पेशे का.

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